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ज्ञानपुर। गंगा का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। रविवार को 3.4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से पानी कम होने से जलस्तर 74.880 मीटर तक पहुंच गया। पानी कम होने से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वालों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। गंगा घाटों संग गांव के संपर्क मार्गों पर कीचड़ फैलने से उस पर आवागमन मुश्किल हो गया है। बस्तियों से पानी कम होने के कारण प्रशासन सोमवार से प्रभावित लोगों को घरों पर भेजेगा। करीब एक सप्ताह तक तेजी से बढ़ा गंगा का पानी 31 अगस्त की रात से घट रहा है। 30 अगस्त तक 80.520 मीटर तक पहुंचने वाला जलस्तर रविवार शाम तक 74.880 मीटर तक पहुंच गया। पांच दिनों में जलस्तर करीब छह मीटर तक कम हो चुका है। इससे कलिकमवैया, मवैयाथान सिंह, छेछुआ, इटहरा की बस्तियों से पानी जा चुका है जबकि बेरासपुर, बिहरोजपुर, डेरवां सहित 26 गांव के घाट जाने वाले और अन्य संपर्क मार्गों पर गंगा से आया कीचड़ और मलबा फैला है। इससे उन मार्गों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बेरासपुर निवासी संतोष शुक्ला ने बताया कि गंगा घाट जाने वाले मार्ग पर करीब एक फीट तक कीचड़ जमा है। इससे घाट तक जान जोखिम भरा हो गया है। कमोबेश यही हाल छेछुआ, इटहरा, धनतुसी गांव में संपर्क मार्गों की है। डीएम के सख्त निर्देश के बाद भी प्रभावित गांव में जरूरत के हिसाब से दवाओं का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। जिसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र मिश्र ने कहा कि जलस्तर करीब सात मीटर तक कम होने से प्रभावित क्षेत्रों से पानी चला गया है। इससे बाढ़ प्रभावित शिविरों में रखे गए लोगों को सोमवार से शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य, पशुपालन, पंचायती राज, पूर्ति विभाग और राजस्व की टीम बाढ़ से प्रभावित गावों में अभी भी कैंप किए हैं।नहर विभाग के अभियंता पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार शाम छह बजे तक जलस्तर 74.880 मीटर पहुंच गया है। गंगा का पानी अब 3.4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से कम हो रहा है।
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