दुर्गागंज/ऊंज। भारतीय किसान यूनियन-टिकैत ग्रुप के पदाधिकारियों ने रविवार को ऊंज और सदलूबीर बाजार में एक दिवसीय धरना देकर कृषि आयोग का गठन कराने की आवाज उठाई। राष्ट्रपति के नाम संबोधित नौ सूत्रीय मांगपत्र प्रभारी निरीक्षक बीके मौर्य को सौंपा। कहा कि उनकी मांगों पर ध्यान न दिया गया तो वृहद स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि बारिश का अनुकूल असर पड़ने पर किसानों की खेतीबारी चौपट हो रही है। मुख्य नहर कैनाल में पानी है लेकिन खेतों में धान की रोपाई के लिए परेशान हैं। नहर और नलकूप विभाग की सुधार कार्य योजनाएं चार माह से शासन तक पहुंच कर स्वीकृति नहीं पा रही है। किसानों के नाम पर ओछी राजनीति करने वाली केंद्र एवं प्रदेश सरकार के जनप्रतिनिधि अपनी सुख-सुविधा के आगे किसानों को नजरंदाज कर रहे है। कहीं सूखे की मार तो कहीं जल भराव को लेकर बढ़ी परेशानी को दूर कराने के लिए किसान अधिकारियों का चक्कर काटते है जो अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मांग किया कि दिल्ली की सीमा पर केंद्र सरकार और संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों के बीच हुए समझौते को लागू किया जाए, फसलों को उचित मूल्य को प्रभावी बनाने के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए, रासायनिक खाद, बीज, पोषक तत्व, फसल सुरक्षा अंतर्गत दी जाने वाली औषधियों की पक्की रसीद देकर किसान बीमा का लाभ दिलाया जाए, रेलवे लाइन, सड़क के किनारे मृत पशुओं को निस्तारित करने पर रोक लगाकर प्रत्येक गांवों में भूमि सुरक्षित की जाए, पांच देशों में एक कृषि आयोग का गठन कर किसानों की समस्याओं को दूर किया जाए, किसानों को कृषि कार्य में बिजली व्यवस्था मुफ्त दी जाए, युवाओं के हित में अग्निपथ योजना पर पुर्नविचार हो, सिंचाई में सोलर फेंसिंग की व्यवस्था दी जाए, जो प्रदेश सूखे और बाढ़ की चपेट में वहां के किसानों को फसल, पशुधन की क्षतिपूर्ति ग्राम स्तर दी जाए। धरना देने वाले किसानों में हंसा देवी, रामदुलार, अशोक कुमार दुबे, सालिकराम, शेषनाथ यादव, मूलचंद, श्यामधर, विजय शंकर यादव, मल्लूराम, विनयतोष उपाध्याय, एके चौबे आदि रहे।