दिल्ली के रामलीला मैदान में आंदोलन को जा रहे किसानों को बुधवार को पुलिस ने अभोली ब्लॉक के सदलूबीर स्थित कार्यालय पर ही नजरबंद कर दिया। ट्रेन आने के समय एक बार फिर किसान रवाना होना चाहे, लेकिन पुलिस के सामने उनकी एक न चली। ट्रेन चले जाने के बाद किसानों ने राष्ट्रपति व जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उप निरीक्षक को सौंपा। एमएसपी गारंटी और कर्ज माफी को लेकर रामलीला मैदान में चल रहे किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए बुधवार को भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के पूर्वांचल प्रभारी शालिग्राम यादव के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए। अभोली ब्लॉक के सदलूवीर स्थित जिला कार्यालय पर जुटे किसानों की जानकारी होते ही प्रभारी निरीक्षक संतोष राय समेत बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस ने कार्यालय में ही सभी किसानों को नजरबंद कर दिया। किसान दोबारा दिल्ली जाने वाली ट्रेन का समय होने पर निकलने लगे। हालांकि पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर उन्हें रोका। जब ट्रेन निकल गई तो किसान नेताओं ने विभिन्न मांगों से संबंधित पत्रक उपनिरीक्षक को सौंपा। किसानों ने कहा कि वर्तमान सरकार में केवल दिखावा किया जा रहा है। जबकि किसानों के हितों को ताक पर रख दिया गया है। जिला प्रशासन ने किसानों की फसलों के मुआवजा का वादा किया था, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला। चेताया कि किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो मजबूरन प्रदर्शन को बाध्य होंगे। मौके पर रामबाबू बिंद, अजय गौतम, अशोक यादव, मीरा देवी, राम सागर, संतराम बिंद, राम मूरत यादव, इंद्रमणि यादव, राम लोलारख बिंद, शिव कुमारी, गंगा देवी गौतम आदि रहे।