ज्ञानपुर। परिषदीय विद्यालयों में पहली और दूसरी कक्षा की किताबें बदल गई है। कक्षा एक में पढ़ाई जाने वाली किताब कलरव और दूसरी कक्षा से किसलय को हटा दिया गया है। अब दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों को सारंगी, आनंदमय गणित, सारंगी और मृदंगम नामक किताबें पढ़ाई जाएंगी। करीब दो महीने विलंब से एनसीईआरटी की पुस्तकें आ गई हैं, जिनका वितरण स्कूलों में कराया जा रहा है। जिले के 885 परिषदीय विद्यालय में एक लाख 67 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों की संख्या 60 हजार से अधिक है। तीसरी से आठवीं तक की किताबें पहले ही आ चुकी थीं। अब पहली और दूसरी कक्षा की किताबें आई हैं, जिनका वितरण शुरू करा दिया गया है। इस सत्र से कक्षा एक और दो के विद्यार्थी एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई करेंगे। अभी तक कक्षा एक में कलरव और कक्षा दो में किसलय नामक पुस्तक चलती थी। इनमें हिंदी, संस्कृत, गणित, उर्दू सभी विषय समाहित रहते। अब हिंदी, अंग्रेजी और गणित की कुल तीन किताबें होगी। हिंदी की पुस्तक का नाम सारंगी है। हिंदी के लिए सारंगी-1, गणित के लिए आनंदमय गणित-1 और अंग्रेजी के लिए मृदंगम-1 और उर्दू के लिए शहनाई नामक पुस्तक भेजी गई है। कक्षा दो के पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। इसके तहत कक्षा दो में हिंदी की पाठ्यपुस्तक किसलय के स्थान पर बच्चे सारंगी-2 पढ़ेंगे। गणित में गिनतारा के स्थान पर आनंदमय गणित-2 व अंग्रेजी विषय में मृदंगम-2 पुस्तक पढ़ेंगे। वहीं नई पुस्तकों के साथ बच्चों के लिए विशेष रूप से अभ्यास पुस्तिका (वर्क बुक) भी तैयार की गई है। इससे वह अभ्यास कर विषय को जल्दी और अच्छे ढंग से सीख सकेंगे। जिला समन्वयक सामुदायिक नवीन मिश्रा ने बताया कि पहली और दूसरी कक्षा की 1.44 लाख किताबें आनी है, जिसमें एक लाख पांच हजार आ चुकी है। जिसका वितरण ब्लॉक संसाधन के माध्यम से कराया जा रहा है।