ज्ञानपुर। गरीबी और तंगहाली में प्रतिभा के दम पर महाराष्ट्र से एमबीएसएस कर रहे भिखारीरामपुर निवासी अशोक पाल की मौत से परिवार की उम्मीदें भी टूट गई। 20 साल पूर्व पिता की मौत के बाद बड़ा बेटा होने से उसी पर परिवार की जिम्मेदारी भी थी, लेकिन अचानक हुई घटना से पूरा परिवार सदमें में है। भिखारीरामपुर निवासी अशोक पाल के पिता सुरेंद्र पाल की 20 साल पूर्व मौत हो गई थी। उसकी मां उर्मिला देवी किसी तरह दो बेटों और एक बेटी का भरण पोषण कर रही थी। पढ़ने में तेज अशोक शुरूआती शिक्षा के बाद नीट क्वालीफाई किया। अच्छे नंबर आने पर उसका महाराष्ट्र के मेडिकल कॉलेज में चयन हुआ। अंतिम वर्ष की पढ़ाई के दौरान बृहस्पतिवार को उसकी हत्या कर दी गई। उसकी मां उर्मिला ने रोते-रोते बताया कि बेटे पर ही उम्मीदें थी, लेकिन अब कहां जाएं। घटना के बाद से ही गांव में सन्नाटा पसरा है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। रविवार को धनगर महासभा के मंडल अध्यक्ष अखिलेश प्रकाश पाल परिवार वालों से मिलकर ढाढ़ंस बधाया। कहा कि वह प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मिलकर हर संभव मदद दिलाने का प्रयास करेंगे। संगठन की ओर से भी सहायता दी जाएगी।