ज्ञानपुर। पशुपालन विभाग की ओर से चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजना राष्ट्रीय गोकुल मिशन जागरुकता के अभाव में फेल साबित हो रही है। अक्तूबर-2019 से मार्च-20 तक छह माह तक चलने वाली योजनांतर्गत तीन माह में मात्र 203 पशुओं में नि:शुकल्क कृत्रिम गर्भाधान करा पाना विभागीय कार्यप्रणाली उदासीनता को बखूबी प्रदर्शित कर रहा है। पशुपालक जोखूराम, महेश कुमार, मुनीब आदि का आरोप रहा कि जानकारी न होने के कारण वह महंगे दर पर पशुओं का गर्भाधान कराने को विवश हैं। बताया जाता है कि योजना के तहत नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित 10 पशु अस्पतालों के अधीन 100 गांव इसके लिए चयनित कि ए जा चुके हैं। संबंधित पशु चिकित्सा कर्मी योजना का लाभ उठाने के लिए किसी भी तरह का जागरुकता अभियान नहीं चलाया जा सका। योजना मात्र अस्पतालों तक ही सीमि त हो जाने पशु पालक परेशान हैं। सीवीओ डा.जेपी सिंह ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेकर जांच कराई जाएगी। यदि विभागीय लापरवाही सामने आई तो बड़ी कार्रवाई संभव होगी।