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Bhadohi News: उम्मीदेें होंगी पूरी , बारिश से पहले मिलेगा पक्का घर

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ज्ञानपुर। मानसून आने से पूर्व छह हजार से अधिक गरीबों की उम्मीदें पूरी हो जाएंगी। फूस की झोपड़ी और कच्चे मकानों की जगह अब उनके पास पक्का होगा। बारिश शुरू होने से पूर्व उनकी संख्या आठ से 10 हजार तक पहुंच जाएगी। 2022-23 में स्वीकृत 12 हजार आवास में अब तक छह हजार से अधिक मकान पूरे हो चुके हैं। जबकि आठ हजार को तीसरी किस्त भेजी जा चुकी है।
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गरीबों को मकान उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने करीब छह साल पूर्व प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की थी। वित्तीय वर्ष 2016-17 से अब तक 25 हजार से अधिक आवासों का आवंटन किया जा चुका है। 2022-23 में 12 हजार 217 आवास आवंटन का लक्ष्य मिला। जिसमें 12 हजार 207 पात्र लाभार्थियों का चयन ब्लॉक स्तर से किया गया। करीब पांच महीने में छह हजार 45 आवास पूर्ण करा लिए गए जबकि चार हजार आवास 15 से 20 दिनों में पूर्ण होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे बारिश से पूर्व 10 हजार से अधिक लाभार्थी कच्चे से पक्के घर में पहुंच जाएंगे।
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केस-एक- अभोली ब्लॉक की बीरापुर निवासी फोटो देवी का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि उनके पास पक्का मकान होगा। योजना तो कई आंईं और चली गईं। लेकिन सरकार की इस योजना से सपने साकार हुए। योजना के साथ ही खुद का भी कुछ खर्च करके बेहतर बनवाया। गांव की सपना देवी कहती हैं कि बारिश होने पर घर में रहना मुश्किल हो जाता था। अब पक्का घर बन गया है। अब ऐसा लगता है कि सारी मुश्किलें दूर हो गई हों।
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केस-दो- डीघ ब्लॉक की सुशीला देवी ने कहा कि कच्चे घर में बारिश के दिनों में रहना काफी कठिन होता था। प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास स्वीकृत हुआ। प्रशासन का सहयोग मिलने से पांच महीने के अंदर आवास पूर्ण हो गया।

प्रधान और सचिवों ने खूब किया खेल
ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में सचिव और प्रधानों की मनमानी से काफी गड़बड़ी भी सामने आई। जांचोपरांत कई प्रधानों की कुर्सी चली गई तो कई सचिव भी निलंबित हो गए। ग्रामीण अंचलों में ऐसे लोगों को सूची में शामिल कर दिया गया, जिन्हें पहले लोहिया और इंदिरा आवास का लाभ मिल चुका था। शिकायत हुई तो जांच कराई गई। मामला सही मिला, तो कार्रवाई हुई।
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प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ हर गरीब तक पहुंचाने का प्रयास रहता है। वित्तीय वर्ष में 12 हजार आवास में छह हजार पूर्ण हो गए हैं। पूर्व में गड़बड़ी के कारण 200 आवास पूर्ण नहीं हो सके। ऐसे लोगों से रिकवरी कराई जा रही है। - श्यामजी, प्रभारी परियोजना निदेशक
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