ज्ञानपुर। जिले में हर महीने औसतन सात से आठ लोग मौत को गले लगा रहे हैं। बीते तीन महीनों में 23 लोगों ने जिंदगी से हारकर मौत को गले लगाया। किसी ने फंदे पर झूलकर तो किसी ने तालाब में कूदकर आत्महत्या कर ली। मरने वालों में युवाओं और महिलाओं की संख्या अधिक है। 23 मौतों में सात युवा और छह महिलाओं ने अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ने के बजाय मौत का रास्ता चुना। तेजी से बदलते दौर में युवाओं की सहनशीलता घटती जा रही है। बढ़ते तनाव और अवसाद के बीच आत्महत्या के केस बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ में दिन ब दिन अवसाद के रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। आंकड़ों के मुताबिक हर दिन यहां 23 से 25 के बीच लोग काउसिलिंग कराने पहुंचते हैं। इस साल बीते तीन महीनों में 23 लोगों ने मौत को गले लगाया है। इनमें पुरुषों के मुकाबले आत्महत्या करने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक रही। आत्महत्या के ज्यादातर मामलों में पारिवारिक कलह, आर्थिक तंगी और पैसे का लेन-देन प्रमुख वजह दिख रहा है।