ज्ञानपुर। विकास कार्यों में पादर्शिता लाने के लिए डीएम शैलेश कुमार के अनुमोदन पर तीन जुलाई को डीपीआरओ ने 12 सचिवों का स्थानांतरण अलग-अलग कलस्टर में कर दिया था। 17 दिन बाद भी कई सचिव पुराने तैनाती स्थल को नहीं छोड़ रहे हैं। इससे नए सचिव कार्यभार ग्रहण नहीं कर पा रहे हैं। जिले की 546 ग्राम पंचायतों में 90 सचिव तैनात हैं। एक-एक सचिव पर पांच से छह ग्राम पंचायतों में विकास कार्य की निगरानी की जिम्मेदारी है। सालों से एक ही स्थान पर रहने वाले सचिवों का समय-समय पर कलस्टर बदला जाता है। तीन जुलाई को डीएम के अनुमोदन पर 12 सचिवों का एक साथ कार्यक्षेत्र बदला गया। कुछ सचिवों ने नए कलस्टर पर कार्यभार ग्रहण कर लिया। लेकिन कुछ सचिव आदेश को मानने को तैयार नहीं हैं। सुरियावां ब्लॉक के महजूदा, भोरी कलस्टर में तैनात मनोज मौर्य और रमेश को भदोही ब्लॉक के मर्चार और परगासपुर में भेजा गया है जबकि वहां तैनात गोपाल मिश्र को भोरी, लालीपुर कलस्टर दिया गया। कार्यभार ग्रहण करने के लिए जब गोपाल मिश्र ब्लॉक पर पहुंचे तो उनको जिम्मेदारी नहीं दी गई। इससे स्थानांतरण का रोस्टर बिगड़ गया है। माना जा रहा है कि ब्लॉक स्तरीय अफसरों से तालमेल बनाने वाले सचिवों पर स्थानांतरण नीति प्रभावी नहीं होती है। बीडीओ बृजेश नारायण त्रिपाठी ने कहा कि कुछ काम के कारण अभी पुराने सचिव को रिलिव नहीं किया गया है। जल्द ही उन्हें नई तैनाती स्थल पर भेजा जाएगा।