जिले की 546 ग्राम पंचायतों में मात्र छह हजार की नौकरी के लिए इंजीनियर, उच्च शिक्षित भी लाइन में खड़े हैं। पंचायत सहायक की नौकरी के लिए पॉलिटेक्निक, आईटीआई, परास्नातक और बीएड करने वाले अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। 546 पदों के लिए करीब साढ़े चार हजार आवेदन आए हैं। आठ से 10 सितंबर तक नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए विभागीय अधिकारी जुटे हैं। गांवों से विकास का रास्ता तय होता है। अस्सी के दशक से ही ग्राम पंचायतों को हाईटेक करने की मुहिम शुरू है, लेकिन गांवों में अभी भी पुराने ढर्रे पर ही काम हो रहा है। जरूरी काम के लिए सचिव और प्रधान ब्लॉक पर जाते हैं। शासन अब ग्राम पंचायत भवन को ही आनलाइन व्यवस्था से लैस किया जा रहा है। जिसके लिए 546 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक की नियुक्ति के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन मांगा गया। 17 अगस्त तक 4500 से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। इसमें इंटर पास अभ्यर्थियों से आवेदन मांगा गया था, लेकिन बड़ी संख्या में उच्च शिक्षित, तकनीकी शिक्षा की डिग्री वाले अभ्यर्थियों ने भी छह हजार के अल्प मानदेय के लिए आवेदन किया है। सुरियावां के अर्जुनपुर सुशील यादव पालिटेक्निक कर जेई की तैयारी कर रहे। अब वह पंचायत सहायक में भाग्य आजमा रहे हैं। इसी तरह गांव के ही आदित्य यादव परास्नातक और अभोली के आनंदडीह के दिलीप भी पॉलिटेक्निक हैं। यह तो एक बानगी है। इनकी संख्या एक से डेढ़ हजार है। विभाग ने आवेदनों को छांटकर संबंधित ग्राम पंचायत में भेज दिया है। इन आवेदनों के लिए मेरिट भी बनाई जा चुकी है। ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक समिति मेरिट बनाकर जिलास्तर पर भेज रही है।