ज्ञानपुर। शहरी क्षेत्रों में खाली पड़े प्लाटों को कूडादान बना दिया गया है। नियमित रूप से कचरा को नहीं उठाए जाने के कारण बदबू से आसपास के लोगों का जीना दुश्वार है। संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है। निकायों में एमआरएफ सेंटर संचालित तो है लेकिन वहां सारा कचरा नहीं पहुंच पा रहा है।
जिले में भदोही, गोपीगंज नगरपालिका के साथ ज्ञानपुर, सुरियावां, नईबाजार, खमरिया और घोसिया नगर पंचायत है। इन नगर पंचायतों के खाली प्लाटों में लोग धड़ल्ले से कूड़ा फेंक रहे हैं। ज्ञानपुर में जिला पंचायत भवन के पीछे, बालीपुर, पावर हाउस के पीछे, गोयल गली, रैन बसेरा, पुरानी बाजार के खाली प्लांट कचरे से पटे हुए हैं।
भदोही, गोपीगंज जैसे नगरपालिकों में दर्जनों जगहों पर खाली प्लाटों में कूड़ा डंप है। घोसिया नगर पंचायत में तो चारों तरफ कालीनों के वेस्टेज पड़े हैं। नईबाजार और खमरिया में भी ऐसी ही स्थिति है। खाली प्लाटों पर पड़े कचरे से बीमारियों का खतरा रहता है। ज्ञानपुर, सुरियावां, भदोही, गोपीगंज, घोसिया, खमरियां में एमआरएफ सेंटर संचालित हैं लेकिन खाली प्लाटों पड़े कचरे को वहां पहुंचाया ही नहीं जा रहा है।
भदोही ईओ धर्मराज सिंह ने बताया कि क्षेत्र से सूखा कूड़ा वहां ले जाया जाता है। जिसे उन्हें अलग-अलग वर्गीकृत किया जाता है। जरुरत के अनुसार निस्तारण किया जाता है। पिपरिस गांव में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना पर सीएनडीएस काम कर रहा है। चुनाव के बाद तैयार होने की संभावना है। ज्ञानपुर के ईओ राजेंद्र दूबे ने बताया कि घराव में एमआरएफ संचालित है, लेकिन अभी खाद बनाने की प्रक्रिया शुरु नहीं है। सूखा-गिला कचरा को रोजाना अलग किया जाता है।