ज्ञानपुर। यदि मन में कुछ अलग करने का जज्बा है, धैर्य है तो सफलता अर्जित करने में आर्थिक समस्याएं आड़े नहीं आएंगी। आईएएस अफसर बननेा सपना हो या डिप्टी कलेक्टर, इंजीनियर अथवा सीडीएस, एनडीए करने की तमन्ना ही क्यों न हो, जिले के काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में चल रही अभ्युदय क्लास हर मेधावी के सपने को पूरा करेगी। 29 अप्रैल से शुरू हुई कक्षा में अब तक दो शिक्षकों ने पढ़ाया है। आगे अधिकारियों व अनुभवी शिक्षकों से पढ़वाने की तैयारी है। शनिवार को प्रशिक्षु एसडीएम पिनाक मणि की क्लास चलेगी। वह मेधावियों को पढ़ाने के साथ ही सफलता के लिए जरूरी टिप्स भी देंगे। क्लास की नोडल डॉ. रश्मि ने बताया कि अभ्युदय कोचिंग के लिए शासन के निर्देशानुसार ही व्यवस्थाएं की गई हैं। भदोही जिले में दो विषय के लिए अभ्यर्थी मिले थे। इसमें सिविल सर्विसेज के लिए 41 और जेईई के लिए 14 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। क्लास चलनी शुरू हुई तो सिविल सर्विसेज के कुल 15 बच्चे ऑफलाइन और 15 बच्चे ऑनलाइन क्लास कर रहे हैं। अभी तक सिविल सर्विसेज के लिए आठ शिक्षक पढ़ा चुके हैं। जेईई में कम संख्या होने के कारण अनुमति लेकर कुछ समय के लिए इसकी कक्षा बंद कर दी गई है। बताया कि अधिकारियों की मोटीवेशनल स्पीच शनिवार को होनी है। इस शनिवार को प्रशिक्षु एसडीएम पिनाक मणि की स्पीच होनी है। कोचिंग का संचालन समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है। केएनपीजी के कैंपस क्लास चल रही है। बृहस्पतिवार को दोपहर बारह बजे से डेढ़ बजे तक क्लास चली। प्राचार्य पीएन डोंगरे ने बताया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से क्लास संचालित होती है। ऑनलाइन क्लास में अध्यापकों का फीडबैंक भी लिया जाता है, फीडबैक अच्छा रहा तो अध्यापक लगातार पढ़ाते हैं नहीं तो उन्हें हटाकर दूसरे अध्यापक की नियुक्त की जाती है। राज यादव, सुनिल कुमार पाल, निखिल साहू आदि छात्रों ने बताया कि पहले जिला स्तर पर परीक्षा देनी पड़ती है। पास होने के बाद फिर कोचिंग लेने के लिए अनुमति मिलती है।