ज्ञानपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर एसआईटी टीम के खिलाफ आवाज उठाते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित मांगपत्र डीएम को सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि 23 से 26 फरवरी के बीच पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा की जांच दिल्ली पुलिस को सौंपी गई है और एसआईटी गठित कर अब निर्दोषों को फंसाने का कुचक्र रचा जा रहा है। क्योंकि केंद्र में भाजपा की सरकार होने का लाभ उठाकर एसआईटी भाजपा कार्यकर्ताओं का नाम आने के बाद भी उन पर हाथ नहीं डाल रही है। यदि जांच टीम कार्रवाई ही करना चाहती है तो घटनाओं के समय संदिग्ध भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों की हकीकत क्यों नहीं खंगाल रही है। पुलिस का ड्रेस और रंग विशेष के कपड़े पहनकर आगजनी, पत्थरबाजी को बढ़ावा देने वालों पर टीम की नजर पड़े तो वास्तविकता अपने आप सामने आ जाएगी। जांच टीम में शामिल अधिकारियों ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाकर निर्दोष राजनेताओं, गरीब, मजदूर, किसान परिवारों को परेशान करने का प्रयास किया तो कार्यकर्ता सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ने के लिए विवश होंगे। इस मौके पर प्रेमबहादुर, इंद्रदेव पाल, कैलाशनाथ बिंद, रमापति आदि रहे।