संवाद न्यूज एजेंसी ज्ञानपुर। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने शुक्रवार को बाढ़ स्टीयरिंग कमेटी व ड्रेनों के पुनर्स्थापना और सिल्ट सफाई कार्य को लेकर बैठक की। इसमें उन्होंने आपदा प्रबंधन और बाढ़ को लेकर व्यवस्थाएं परखी। बैठक में बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर अपर मुख्य अधिकारी को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया। डीएम ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मोटर बोट को मरम्मत कराकर अपर मुख्य अधिकारी या पुलिस चौकी सीतामढ़ी को सुपुर्द करने के निर्देश दिए। वहीं, बाढ़ प्रभावित गांवों में निचले क्षेत्रों के हैंडपपों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। बताया कि बाढ़ के समय में मौसमी महामारी का बोलबाला होता है। ऐसे में सीएमओ को ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव के निर्देश दिए। कहा कि मॉनसून से पहले मोरवा व वरुणा नदी का जीर्णोधार कराया जाए। एडीएम कुवर वीरेंद्र मौर्य ने बताया कि बीते साल की अपेक्षा बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों की संख्या 212 है। इसके अलावा बाढ़ चौकियां 22, राहत शिविर 22, 40 छोटी नाव, 15 बड़ी नाव, 10 मझौली नाव, सरकारी नाव 1, मोटर बोट तीन, गोताखोर 13, बाढ कंट्रोल रूम नंबर 05414 250223, 250 308 है। बताया कि डीघ एवं औराई ब्लाक के कुछ गांव है, गंगा नदी से सटे हैं और बाढ़ से प्रभावित होते है। यहां कुल 212 बाढ़ संवेदनशील गांव है। इसमें (तहसील ज्ञानपुर-139, औराई-37, भदोही-36) है। बताया कि जिले में गंगा नदी का चेतवानी बिंदु 80.20 व खतरे का निशान बिंदु 81.20 है। बैठक में एसपी शुभम अग्रवाल, सीडीओ डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, सीएमओ डॉ. एसके चक, एसडीएम शिव प्रकाश यादव, अरुण गिरी आदि रहे।