ज्ञानपुर के स्वदेशी मेले में दीयली बेचती समूह की महिला। संवाद
ज्ञानपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर समूह की महिलाएं लगातार प्रगति कर रही हैं। धूपबत्ती, अगरबत्ती, तिरंगा और मास्क के बाद अब दीपावली पर्व पर मिट्टी और गोबर के दीये तैयार कर रही हैं। 50 समूहों की महिलाओं ने पांच लाख दीये तैयार कर बाजार में लगा दिया है। स्वदेशी मेले में भी इनके दीये की मांग हो रही है। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से भी महिलाओं का जीवन बेहतर किया जा रहा है। इससे जुड़कर महिलाएं छोटी-छोटी बचत के माध्यम से रोजगार सृजन कर स्वावलंबी बन रही हैं। शासन से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के साथ बैंकों से ऋण लेकर फिनायल, दोना-पत्तल, झाड़ू निर्माण सहित कई लघु उद्यम स्थापित कर चुकी हैं। तिरंगा यात्रा के दौरान समूह की महिलाओं ने जहां दो लाख से अधिक तिरंगा तैयार किया, वहीं दीपावली के लिए पांच लाख दीये तैयार किए हैं। छह ब्लॉकों में 50 समूह की महिलाएं इसमें लगी हैं। ज्ञानपुर के चित्रांगन लॉन में चल रहे स्वदेशी मेले में भी भोलानाथ, तुलसी, लक्ष्मी समूह की संगीता, पुष्पा देवी समेत करीब छह महिलाओं ने अपने स्टॉल लगाए हैं। एनआरएलएम के डीपीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि 50 समूहों की महिलाओं ने गोबर और मिट़्टी के करीब पांच लाख डिजाइनर दीये तैयार किए हैं। ग्रामीण बाजारों में उनके दीये खरीदे जा रहे हैं।