ज्ञानपुर। किसी भी गरीब व्यक्ति का इलाज कराने में पैसे की कमी आड़े न आने पाए इसके लिए भारत सरकार ने आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। वर्ष 2018 में शुरू हुई इस योजना के तहत गोल्डेन कार्ड बनाकर लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का इलाज नि:शुल्क दिया जाता है, लेकिन इस योजना का लाभ जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सुस्ती के कारण सभी पात्रों को नहीं मिल पा रहा है। यहां सबका गोल्डेन कार्ड ही नहीं बना है। शासन से जारी अभी ताजा रिपोर्ट में पता चला है कि अंत्योदय लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड बनाने के मामले में जिला फिसड्डी है। यहां महज 10.3 फीसदी अंत्योदय लाभार्थियों का ही गोल्डेन कार्ड बना है। एबी-पीएमजेएवाई स्टेट हेल्थ एजेंसी(साजीज) चतुर्थ तल, नवचेतना केंद्र के मुख्य कार्यपालक अधिकारी की ओर से पांच मई को एक पत्र जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजा गया है। पत्र में विभिन्न जनपदों के अंत्योदय लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड बनाने की स्थिति भी बतायी गई है। साथ ही यह भी बताया गया है कि इसमें तेजी लाने के लिए क्या करें। रिपोर्ट के अनुसार अंत्योदय डाटा में शत-प्रतिशत लाभार्थियों का आधार नंबर एवं राशन कार्ड नंबर उपलब्ध है बावजूद इसके सभी के गोल्डेन कार्ड नहीं बने। भदोही जिले को 61वीं रैंक मिली है। यहां एक लाख पांच हजार 179 लक्ष्य के सापेक्ष महज 10 हजार 858 लोगों का ही कार्ड बना है। यानी 10.3 फीसदी ही कार्ड बना है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने निर्देश दिया है कि चार से 18 मई तक विशेष अभियान चलाकर कैंप में गोल्डेन कार्ड बनाए जाएं। साथ ही अंत्योदय योजना के लाभार्थियों का कार्ड बनाने के लिए कोटेदारों की मदद लें। प्रतिदिन डीआईयू टीम के सदस्यों को ब्लाकवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए शत प्रतिशत अंत्योदय लाभार्थियों का कार्ड बनाया जाए। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गोल्डेन कार्ड बनाने में(ओवरऑल) में जिले का 11वां स्थान है। बावजूद इसके यहां 33 हजार घर ऐसे हैं जिनके यहां एक भी कार्ड नहीं बना है। इसे प्राथमिकता में कराया जाना है। चार मई से 18 मई तक कैंप लगाकर गोल्डेन कार्ड बनाया जा रहा है। ओवरऑल में भदोही का स्थान 11वां है। अंत्योदय लाभार्थियों का कार्ड बनाने में जो कमी रह गई उसे पूरा करा लिया जाएगा। प्रतिदिन टीम को लक्ष्य देकर बनवाया जा रहा है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ