ज्ञानपुर/गोपीगंज। सहकारिता विभाग दो दिनों में 11 हजार बोरी यूरिया चार हजार किसानों में कराया है। इसके बाद विभाग मिर्जापुर में डंप चार सौ एमटी यूरिया को लाने की कवायद भी तेज कर दी है। उक्त यूरिया का भंडारण रविवार को देर रात तक सहकारी समितियों पर हो सका था और सोमवार को छह हजार बोरी का वितरण करने में समय बीता था।
नवंबर के शुरुआती दौर से ही जनपद में यूरिया का संकट बरकरार चला आ रहा है। सहकारिता विभाग समेत बाजारों से कुल वितरण का लक्ष्य 15 हजार एमटी है। छिटपुट तरीके से विभाग ने 24 सौ एमटी यूरिया का वितरण बड़ी मुश्किल से करा पाया था। उसके बाद किसानों के इंतजार का सब्र टूटने पर विरोध-प्रदर्शन भी किया गया। मामला तूल पकड़ने पर कृषि विभाग ने पहले बाजार के लिए आवंटित एक हजार एमटी यूरिया का परिवहन कराकर किसानों शांत कराया जा सका। इसके बाद ही वाराणसी में रविवार को सुबह लगी विशेष रैक से पांच सौ एमटी यूरिया का परिवहन सहकारिता विभाग ने पीपरगांव, मऊरामशाला, सूर्यभानपुर, जाठी, पिलखिनी, माधोपुर-गोपपुर, भरतपुर, बरवां, अमवां, उगापुर, खम्हरिया, कटरा, ज्ञानपुर, खेमईपुर, चौबेपुर, सुरियावां, मकनपुर, घोसिया, मतेथू-कनकपुर, नागमलपुर, जंगीगंज, गोपीगंज क्रय-विक्रय, चकवा-गोपीगंज, जोगिनका-गोपीगंज से वितरण सोमवार और मंगलवार को कराया गया।
एआर सहकारिता राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि खमरिया और जाठी के लिए 18-18 एमटी यूरिया पुन: भेज दी गई है। चार सौ एमटी का परिवहन मिर्जापुर से होते रहने पर किसानों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
ज्ञानपुर। वाराणसी और मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर लग रहीं विशेष रैक से पाप्त होने वाले खाद-बीज का आवंटन बफर गोदाम न होने के कारण ही घट रहा है। सहकारिता विभाग ने स्वीकार किया है कि अभी तक उसके पास जो भी गोदाम हैं उनकी क्षमता मात्र दो हजार एमटी तक है। पड़ोसी जनपद मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र और वाराणसी में रैक लगने के बाद आवंटित लक्ष्य का भंडारण बफर गोदाम में फौरी तौर पर हो जाने से संकट नहीं झेलना पड़ता।
एआर सहकारिता राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि दो वर्ष से चार हजार एमटी वाले बफर गोदाम का निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन अभी तक जमीन उपलब्ध न होने के चलते कार्य योजना स्वीकृत भी नहीं हो सकी है। मामला डीएम तक पहुंचा दिया गया है।