जिले में समय से पूर्व आए मानसून ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को 15 घंटे की बारिश से चौरी में राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की छत गिर गई। जबकि बिहरोजपुर में बिजली के पोल से दबकर गाय घायल हो गई। जल निकासी की सुविधा न होने से शुक्रवार को भी कई स्थानों पर जलजमाव से लोग परेशान रहे। निकायों की ओर से पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, जिसको लेकर लोगों में नाराजगी है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में कीचड़ से सनी सड़कें चलने लायक नहीं रहीं। चक्रवात ताउते और यास के बाद करीब 10 पूर्व जिले में पहुंचा मानसून हर रोज लोगों को भीगा रहा है। बृहस्पतिवार को सुबह छह से रात करीब नौ बजे तक कभी तेज और कभी रूक-रूककर बारिश हुई। जिससे शहर से लेकर गांव तक पानी-पानी हो गया। शुक्रवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद मौसम खुला जरूर लेकिन दोपहर बाद फिर बारिश शुरू हो गई। इससे ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, चौरी, गोपीगंज, जंगीगंज, औराई, महराजगंज, बाबूसराय बाजार के मोहल्लों में पानी भरा रहा। निकायों की ओर से जल निकासी की व्यवस्था न होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों की सड़कें कीचड़ में सन गई है। इससे मार्गों पर चलना मुश्किल हो गया है। सुरियावां-रेलवे फाटक मार्ग, जंगीगंज स्टेशन मार्ग, केड़वरिया फाटक मार्ग, अलमऊ-गोपपुर, ककराही- गोपीगंज मार्ग समेत कई सड़कों की हालत खराब है। चौरी संवाददाता के अनुसार, बारिश से जर्जर हो चुके सरकारी भवनों पर खतरा मंडराने लगा है। बृहस्पतिवार की रात राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के एक कमरे का छत गिर गया। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नही हुआ । बताया जा रहा है कि जिस कमरे का छत गिरा है, उसी में चिकित्सा अधीक्षक बैठकर मरीजों को देखते है। घटना रात में होने से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजराज पटेल ने बताया कि जर्जर हो चुके अस्पताल को लेकर आला अफसरों को अवगत करा दिया गया है। कौलापुर संवाददाता के अनुसार, बिहरोजपुर गांव में शुक्रवार को बिजली का पोल लालजी के गाय के ऊपर गिर गया। जिससे वह घायल हो गई। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को कुल 105.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। एक दिन में जिले में यह रिकार्ड बारिश हुई।