ज्ञानपुर। कोइरौना थानाक्षेत्र के रजमला गांव में दो दिन पूर्व जमीन को लेकर हुआ खूनी संघर्ष आपसी मतभेद का नतीजा है। एक पक्ष के घायल शिवललित ने बताया कि वर्ष 1995 में सभ्रांतजनों ने छविनाथ यादव और ब्रह्मदेव यादव के बीच आबादी जमीन को दो हिस्सों में बांटकर स्टांप पेपर पर सुलहनामा कराया था। कुछ समय बीतने के बाद जमीन पर रहने के लिए दोनों पक्षों ने आपसी समझौता कर जमीन की अदला-बदली की बात तय की, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। 24 वर्ष के बीच कई बार दोनों परिवार एक-दूसरे के खून के प्यासे बने और छोटी-छोटी बातों को लेकर मारपीट होती रही। शिवललित का कहना है कि मामले में राजस्व विभाग और पुलिस दोनों ने कभी समस्या समाधान के लिए कारगर पहल नहीं की। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व मारपीट में छात्रा समेत 12 लोग घायल हुए थे। थानाध्यक्ष एसके राय का कहना रहा कि मामले में न्याय का प्रयास किया जा रहा है।