बारान-ए-रहमत कमेटी माधोसिंह के जलसे में बोलते मौलाना जकरुल्ला। संवाद
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घोसिया। बारान-ए-रहमत कमेटी माधोसिंह की ओर से मंगलवार की रात हुए 51वें जलसे में उलेमा ने मुसलमानों को दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम भी हासिल करने को जरूरी बताया। इस दौरान मुल्क की तरक्की और अमनचैन की दुआएं मांगी गईं। जलसे का आगाज करते हुए नासिक से आए मुफ्ती सैयद आसिफ इकबाल ने कहा कि दुनियावी तालीम के साथ दीनी तालीम मुसलमानों का फर्ज है। तालीम का अमल कर समाज पैगंबरे इस्लाम हजरत मुहम्मद के रौशनी को पूरे विश्व में बिखेर सकता है। जब तक तालीम नहीं होगी तब न इबादत काम आएगी न तिलावत। मौलाना जकरुल्ला ने पैगंबरे इस्लाम के आने की खुशी और दुनिया से रुखसती पर चर्चा करते हुए कहा कि खुशी के साथ दीनी तालीम ही रुखसती के समय जन्नत में पहुंचने का रास्ता दिखाती है। अब भी समय है नमाज, इबादत, तिलावत, खैरात, जकात को जीवन की अमूल्य संपत्ति मान लें तभी हमारा और समाज का भला होगा। कहा कि समाज के प्रति बढ़ती ईर्ष्या दूर करने में समाज की तरक्की और मजबूती ही आगे चलकर काम आएगी। इस दौरान मुल्क की तरक्की और अमनचैन की दुआएं मांगी गईं। इस मौके पर साकिर रजा, नावेद आलम, वसीम रजा, निजामुद्दीन, डा. बेलाल, जावेद आदि रहे।