भदोही। गर्मी की छुट्टियों के बीच ट्रेनों में आरक्षण टिकट के लिए यात्रियों को इंतजार करना पड़ रहा है। बढ़ी भीड़ के कारण ट्रेन में पहले से ही रिजर्वेशन फुल होने के कारण तमाम यात्रियों को टिकट नहीं मिल पा रहा है।
गर्मी की छुट्टियां कुछ विद्यालयों में छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं और कुछ में शीघ्र ही शुरू हो जाएंगी। हावड़ा, देहरादून, मुंबई, सूरत, अमृतसर की ओर जाने वाली ट्रेनों में जुलाई के अंत तक बर्थ नहीं मिल रही है। इससे तमाम लोग गर्मी की छुट्टियां में बाहर नहीं जा पा रहे हैं। भदोही रेलवे स्टेशन स्थित आरक्षण केंद्र पर शहरी क्षेत्र के लोगों की भीड़ कम ही लगती है। अधिकतर लोग ग्रामीण क्षेत्रों से आरक्षण के लिए आते हैं। सुरियावां, सुरेरी, रामपुर, परसीपुर, मोढ़ आदि क्षेत्रों से लोग सुबह ही आरक्षण केंद्र पहुंच जा रहे हैं लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
सबसे अधिक मारामारी मुंबई की ओर जाने को लेकर है। मुंबई जाने के लिए बर्थ जुलाई के अंत में है। सूरत की ओर जाने के लिए लोगों को वाराणसी से बैठना पड़ता है। इसके बाद भी सूरत के लिए टिकटे नहीं मिल पा रही है। देहरादून के लिए भी केवल एक ट्रेन है जिसमे बर्थ नहीं है। अमृतसर, हावड़ा को जाने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी को देखते हुए ट्रेनें नहीं बढ़ाए जाने से अब इस रूट पर भी दिक्कत होने लगी है। सबसे अधिक दिक्कत मुंबई की ट्रेनों को लेकर है। मुंबई के लिए भदोही से तीन ट्रेनें हैं। जिसमें से एक वाराणसी से हटाकर गोरखपुर से तथा दूसरे को बलिया से चलाया जाने लगा है। लोगों का कहना है कि इससे और दिक्कत होने लगी है। ये दोनों ट्रेनें बलिया और गोरऱखपुर से भर कर ही आती हैं। जिससे भदोही परिक्षेत्र के लोगों को बर्थ मिलना मुश्किल हो गया है। यात्रियों ने बताया कि मुश्किल तो यह है कि जौनपुर, मिर्जापुर या वाराणसी से भी यात्रा करनी हो तो ट्रेन में बर्थ नहीं है। कांग्रेस नेता हसनैन अंसारी का कहना है कि पिछले कई वर्षों से भदोही-जंघई रूट पर ट्रेनें तो बढ़ाने के बजाए और कम कर दी गई हैं। इससे यात्रियों की परेशानी को समझा जा सकता है। ऐसे में आने वाली गर्मियों में रेल टिकटों की दलाली का क्या आलम होगा अंदाजा लगाया जास कता है।
मुंबई समर स्पेशल लगा देती है 37 घंटे
भदोही। मुबई की ओर जाने के लिए रेलवे ने समर स्पेशल 09184-85 तो दी है, लेकिन वह केवल सप्ताह में एक दिन। यह ट्रेन बनारस से प्रत्येक शुक्रवार को चलती है जबकि मुंबई सेंट्रल से रविवार को चलती है। इस ट्रेन में जून में तो बर्थ खाली हैं, लेकिन दिक्कत यह है कि यह सप्ताह में केवल एक दिन ही है और लोगों के समय पर नहीं मिलेगी। दूसरी परेशानी यह है कि दूसरी ट्रेनों के मुकाबले यह ट्रेन भदोही से मुंबई सेंट्रल पहुंचाने के लिए 37 घंटे लेती है, जबकि दूसरी ट्रेनें 24 घंटे और अधिकतम 28 घंटे तक लेती हैं, इसलिए इसकी टिकट मुश्किल में फंसे लोग ही ले रहे हैं।