ऊंज। कुरमैचा गांव में चल रहे भागवत महापुराण में मंगलवार को कथा वाचक पंडित अजय मिश्रा याज्ञवल्क्य ने श्रीकृष्ण के रासलीला और विवाह की कथा सुनाई। बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने रासलीला के माध्यम से संदेश दिया कि जीवात्मा (गोपी) और परमात्मा (कृष्ण) का मिलन ही सर्वोच्च प्रेम है, जो अहंकार रहित और पूर्ण समर्पण पर आधारित है। यह लौकिक प्रेम नहीं, बल्कि सांसारिक मोह को त्यागकर ईश्वर में लीन होने की आध्यात्मिक प्रक्रिया है। बताया कि हम ईश्वर को तब तक नहीं प्राप्त कर सकते, जब तक हम सांसारिक मोह को न त्यागे। इसके अलावा भगवान के प्रति समर्पण ही सर्वोच्च प्रेम है। बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने माता रूक्मिणी से विवाह किया, जो मां लक्ष्मी की अवतार थी। इस मौके पर राधेश्याम यादव, रामप्रताप यादव, शिव प्रसाद यादव, नंदलाल यादव, हरिप्रसाद यादव, अवधेश यादव आदि रहे।