केदारपुर में श्रीमद् भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। संवाद
कौलापुर। केदारपुर शुक्लान बस्ती में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को कथा व्यास पं. चंद्रभूषण महाराज ने वामन अवतार की कथा का वर्णन किया। उन्होंने भगवान विष्णु के वामन रूप और दैत्यराज बलि के प्रसंग को विस्तार से सुनाया। कहा कि जो भी भगवान की शरण में जाकर भक्ति करता है, उस पर ईश्वर की कृपा अवश्य होती है। बताया कि भगवान विष्णु ने वामन का रूप धारण करके राजा बलि से तीन पग भूमि का दान मांगा। दानवीर बलि ने अपने वचन का पालन करते हुए यह दान स्वीकार किया, भले ही उनके गुरु शुक्राचार्य ने उन्हें सावधान किया था। उन्होंने बताया कि भगवान ने अपने विराट रूप में पहले पग में पृथ्वी, दूसरे पग में आकाश नाप लिया और तीसरे पग के लिए स्थान न बचने पर राजा बलि ने अपना सिर अर्पित कर दिया। इस समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें पाताल लोक का अधिपति बना दिया। कहा कि वामन चरित्र हमें वचन पालन, अहंकार त्याग और सच्ची भक्ति का संदेश देता है। इस मौके पर शोभनाथ शुक्ला, ओंकार नाथ, नागेंद्र शुक्ला, पृथ्वीराज, इंद्रामणि शुक्ला, जय प्रकाश शुक्ला आदि रहे।