पाली। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पूर्व ही ग्राम पंचायतों में चुनावी माहौल बनना शुरू हो चुका है। ज्ञानपुर ब्लॉक के वारी गांव में पक्ष और विपक्ष रणनीति बनाने में लगे हैं। वारी में तमाम विकास कार्यों के बीच विकास और छुट्टा पशु मुद्दा बन सकता है। ज्ञानपुर ब्लॉक के उत्तरी छोर पर स्थित वारी गांव की कुल आबादी 4500 है जबकि मतदाताओं की संख्या 2700 है। गांव में वैसे तो तीन प्राथमिक विद्यालय, एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय एक राजकीय नलकूप, एक इंटर कॉलेज, 22 हैंडपंप , 250 शौचालय, 34 आवास, 40 आयुष्मान भारत कार्ड, 50 विधवा पेंशन, 65 वृद्धा पेंशन, 42 विकलांग पेंशन बने हैं। विकास कार्यों के बाद भी कुछ काम अधूरे होने से लोग परेशान है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने गांव की नब्ज टटोली तो चुनावी गरमाहट तेज होती दिख रही है। खेत-खलिहान से लेकर चाय-पान की दुकानों पर सिर्फ पंचायत चुनाव की चर्चा हो रही है। समर्थक वर्तमान प्रधान को बेहतर बता रहे तो विरोधी विकास के नाम पर खानापूर्ति कह रहे। गांव के युवा चुनाव को लेकर खासा उत्साहित है। छुट्टा मवेशियों की समस्या सबसे अधिक है। किसानों की फसल देखते ही देखते नष्ट हो जाते हैं। इसको लेकर ग्रामीण काफी परेशान है।