मोढ़। क्षेत्र के सुरियावां विकास खण्ड के बसही ताल में सैकड़ों बीघा धान के खेतों में पानी भरा हुआ है। इससे किसान धान की कटाई नहीं कर पा रहे हैं। खेतों में पककर तैयार धान अब पानी से खराब होने की कगार पर पहुंच रहा है। इससे किसान चिंतित है उनका कहना है कि पानी नहीं निकाला गया तो धान खेतों में नष्ट हो जाएगा और गेहूं की बुआई भी नहीं कर पाएंगे। बृहस्पतिवार को किसानों ने प्रदर्शन कर पानी निकासी की मांग किया। बसही ताल के ग्रामसभा नरोत्तमपुर, जमुनीपुर, अठगवां, बढियानी, चमरूपट्टी आदि गांव में तैयार धान के खेतों में बरसात का पानी भरा हुआ है। इससे किसान धान की कटाई मड़ाई नहीं कर पा रहे हैं। वहीं गेहूं की बोआई भी पिछड़ने की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि जिला प्रशासन यदि ताल के उत्तरी तरफ नहर में खेतों का पानी निकलवा दें तो कुछ हद तक धान को बचाया जा सकता है और गेेहूं की बुआई समय से हो सकती है। किसानों ने प्रदर्शन कर संबंधित अधिकारियों से पानी निकासी की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में समरजीत यादव, लालजी बिंद, सभाजीत, शेषमणि बिंद, भोलानाथ, मुंशीलाल, कैलाश, अभयराज बिंद, झूरी गौड़ , कमलेश पाल आदि रहे।