ज्ञानपुर। मनरेगा से साल में दो सौ दिन के काम की गारंटी, छह सौ रुपये मजदूरी दिलाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय को सौंपा और समाधान की मांग की। इस संयुक्त मोर्चा में अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन, भारतीय खेत मजदूर यूनियन, अखिल भारतीय खेत और ग्रामीण मजदूर सभा, अखिल भारतीय संयुक्त किसान सभा, अखिल भारतीय अग्गामी कृषि श्रमिक यूनियन के लोग शामिल थे।
कार्यकर्ताओं कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर भूमिहीनों को बेघर कर रही है। भूमाफियाओं को प्रश्रय देकर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कराया जा रहा है। इस बर्ताव को संयुक्त मोर्चा बर्दाश्त नहीं करेगा। मांग किया कि मजदूरों को वर्ष में दो सौ दिन काम, छह सौ रुपये प्रतिदिन मजदूरी, शहरी क्षेत्र में रोजगार गारंटी योजना लागू की जाए। साथ ही 55 वर्ष की उम्र पूर्ण करने पर सभी मजदूरों को पेंशन देने, मजदूरों को पक्का आवास बनाने के लिए जमीन, आवास अनुदान पांच लाख रुपये करने, भूमि सुधार कानून को सख्ती से पालन कराकर बंजर, सरकारी, वनविभाग की भूमि पर आबाद रहने देने, भूमि अधि ग्रहण अधिनियम-2013 लागू कराने, वनाधिकार कानून के तहत जंगलों में बसे आदिवासियों के नाम भूमि पट्टा कर फर्जी मुकदमे वापस लेने की मांग उठायी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत कर केरल की तरह 14 जीवन उपयोगी वस्तुओं का वितरण नि:शुल्क कराने, एससी/एसटी एक्ट का बजट बढ़ाने, निजी क्षेत्र में आरक्षण बहाल करने, सरकारी कार्यालयों में बैकलाग भरे जाने आदि की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में बनारसी सोनकर, भुलाल पाल, परदेशी राम, जगन्नाथ मौर्य, अशोक गौतम, श्रीराम बिंद, राजाराम सरोज, राजेंद्र प्रसाद कन्नौजिया, पंधारी यादव, कबूतरा देवी, केवला देवी, गिरधारी राम, राजमणि मौर्य, पारसनाथ बिंद, अमरावती देवी, फूलचंद, सुरेश कुमार आदि रहे।