इसमें पांच अक्टूबर को दिल्ली में एचआरडी मंत्रालय के खिलाफ जंतर-मंतर पर होने वाले धरने को सफल बनाने की रणनीति बनाई गई।
संगठन के श्यामजी दूबे और क्रांतिमान शुक्ला ने कहा कि शिक्षामित्र समायोजन होने तक संघर्ष करेंगे। पांच अक्टूबर को सभी अपने परिवार के साथ दिल्ली पहुंचकर विरोध दर्ज कराएंगे। कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकारें पूर्व से ही सोच समझकर कदम उठाती तो आज शिक्षामित्रों की यह स्थिति नहीं होती। कहा कि जब तक एनसीटीई के नियमों में संशोधन नहीं होगा तब तक संघर्ष चलेगा। इस मौके पर वीर बहादुर सिंह, शाहनवाज खां, राम सागर शुक्ला, राज नारायण राव, सुनील सिंह, गगन सिंह, प्रदीप उपाध्याय, राम सागर शुक्ल, विनोद यादव, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।