चौरी थाना क्षेत्र के चकभुईधर गांव में रविवार की सुबह कुएं में एक 30 वर्षीय युवक का शव मिला। मृतक की पहचान वाराणसी के बड़ागांव थाना के चंवरभट्टा निवासी मनीष दुबे के रूप में हुई। वह मुंबई से जिले में भरत मिलाप में शामिल होने आया था। घटनास्थल पर एडिशनल एसपी राजेश भारती सहित फॉरेंसिक टीम भी जांच करने पहुंची। मुंबई से पहुंचे परिजनों ने युवक की हत्या का आरोप लगाया। पुलिस इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
जानकारी के मुताबिक मूलरूप से वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के चंवरभट्टा निवासी धीरज दूबे पूरे परिवार के साथ मुंबई के सांताक्रूज में रहते हैं। जहां वे फर्श सफाई के लिए केमिकल सप्लाई का काम करते थे। उनका पुत्र मनीष दूबे (30) चार नवंबर को मुंबई से सीधे चौरी में ऐतिहासिक भरत मिलाप वाले दिन पहुंचा था। लोगों के मुताबिक उसी रात उसने पुलिस चौकी के पीछे नागु दुबे के पंपिंग सेट पर उसने स्थानीय दोस्तों के साथ मुर्गा और दारू की पार्टी की थी। अगले दिन उसकी सूचना नहीं मिली तो उसके दुर्गागंज निवासी मृतक के रिश्तेदार अनिल चतुर्वेदी ने उसके गुमसुदगी की तहरीर दी थी। इस संबंध में पुलिस की जांच चल ही रही थी कि रविवार की सुबह उसका शव कुएं में मिला। पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकलवार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दूसरी तरफ पंपिंग सेट के मालिक राजेश दुबे और उसके मित्र नई बस्ती निवासी कैफ सहित दो अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
चाचा ने लगाया हत्या का आरोप
मुम्बई से विमान से पहुंचे मृतक के चाचा योगेश पांडेय ने बताया कि 2 नवम्बर को मनीष ट्रेन से अपने ससुराल ज्ञानपुर के पाली के लिए चला था। 5 नवम्बर को चौरी के नईबस्ती निवासी उसके दोस्त कैफ ने मुंबई में अंकित को फोन किया कि मनीष लापता हो गया है। हम लोग खोजबीन रहे हैं। रविवार की सुबह कुएं से उसका शव मिलने की सूचना मिली। बताया कि मृतक 20000 रुपया लेकर ससुराल के लिए निकला था फिर चौरी कैसे पहुंच गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उसकी मौत कुएं में गिरने से नहीं हुई है, बल्कि उसकी हत्या की गई है। घटना के बाद एडिशनल एसपी राजेश भारती, सीओ औराई रामलखन मिश्रा ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल किया।
हत्या और मौत की गुत्थी सुलझाने में उलझी पुलिस
चौरी। पुलिस चौकी के समीप पंपिगसेट के कुएं पर दारू-मुर्गा की पार्टी के बीच बड़ागांव निवासी मनीष की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस हत्या और मौत दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया नशे की हालत में गिरने से मौत मान रही है, हालांकि चारों दोस्तों से अलग-अलग पूछताछ कर बयान लिया जा रहा है।
वाराणसी के चवरभट्टा निवासी मनीष मुंबई से सीधे घर आया। वहां से अपनी ससुराल पाली के लिए निकला तो चौरी में क्यों चला गया। पुलिस का मानना है कि शांताक्रूज निवासी चार दोस्तों की पार्टी में शामिल होने के लिए वह कुएं पर पहुंचा। शुरूआती पूछताछ में यह बात सामने आई कि पंपिगसेट पर मनीष के लिए अलग से बाटी-चोखा बनाया गया था जबकि अन्य दोस्त मुर्गा- बाटी अपने लिए बनाए थे। चर्चा है कि चौकी के दो सिपाही भी अक्सर पंपिगसेट पर होने वाली पार्टी में जाते थे। लॉकडाउन में भी दोनो सिपाही व्यापारियों से मारपीट के दौरान चर्चा में आए थे। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती ने बताया कि शुरूआती जांच में यह बातने आई कि खाना खाने के बाद वह हाथ धोने के लिए कुएं पर गया। संभावना जताई जा रही है कि फिसलने से वह कुएं में गिर गया। जहां लोहे के दो राड होने से चोटिल होने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि परिवार वालों की शिकायत पर पुलिस हत्या वाले बिंदु पर भी जांच कर रही है। उसके चारो दोस्तों से भी अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। चौकी के सिपाहियों के सवाल को झूठा बताया।