ज्ञानपुर। जिले के डीघ ब्लाक क्षेत्र में ऊंज का इलाका खेती वाला माना जाता है। क्षेत्र में सैकड़ों किसान हर वर्ष आलू की खेती करते हैं। इस समय आलू की खेती का दौर चल रहा है, लेकिन खाद की किल्लत खेती में आड़े आ रही है। ऊंज के आईएफडीसी से खाद मिलनी बंद हो गई है। संचालक पंधारी यादव बताते हैं कि डीएपी इस समय नहीं है। जो भी किसान आ रहे हैं उन्हें और कहीं लेने के लिए कहा जा रहा है। यहां कुरमैचा से मंगरू लाल बिंद खाद लेने गए थे, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। इसी तरह साधन सहकारी समिति मनकपुर पर 45 बोरी डीएपी है, जो किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। यह स्थित जिले करीब-करीब 60 फीसदी से ज्यादा सहकारी समितियों की है। अधिकारी भले ही डीएपी पर्याप्त मात्रा में होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने पड़ताल किया तो पता चला कि खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। ऐसे में खुले बाजार में ज्यादा मूल्य देकर खाद ले रहे हैं। यदि ज्यादा दिन तक खाद की कमी रही तो आलू की खेती प्रभावित हो सकती है। आर क्वापरेटिव