घोसिया। केंद्र सरकार ने सोने की ज्वैलरी खरीदने के नियम में बड़ा बदलाव करते हुए बिना हॉलमार्क वाला ज्वेलरी बेचने पर रोक लगा दी है। ऐसे में कोई भी उपभोक्ता अब हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन के बिना कोई भी ज्वैलरी और सोने के गहने नहीं खरीद पाएगा। केन्द्र सरकार की ओर से किए गए बड़े बदलाव के बाद सराफा व्यापारियों ने इसकी प्रशंसा की है। घोसिया के प्रमुख सराफा व्यवसायी दिलीप कुमार बरनवाल ने बताया कि हॉलमार्क अनिवार्य होने से इसका लाभ व्यवसासियों को कम ही मिलेगा। इस सिस्टम के पूरे देश में लागू होने से ग्राहकों को फायदा होने वाला है। उन्होंने बताया कि 22 कैरेट के सोना खरीद पर 100 प्रतिशत वापसी है। ऐसे में जो कस्टमर बिना सरकारी हॉलमार्क के सोना की खरीददारी करते हैं। वे वापसी के समय माल लेकर दर-दर भटकने को मजबूर होंगे, क्योंकि शुद्धता की कोई गांरटी नही है। उन्होंने यह भी बताया कि वे हॉलमार्क के नियम को 4 फरवरी 2021 से ही फॉलो कर रहे हैं, जबकि जिले में यह नियम एक जून 2022 को लागू हुआ। वहीं जंगीगंज के सराफा व्यापारी रतन लाल सेठ ने बताया कि हॉलमार्क सोने के शुद्धता की 100 फीसदी गारंटी होती है। ऐसे अगर ग्राहक हॉलमार्क देखकर इसको खरीदता है तो फायदा उसका ही होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह नियम लागू होने से अब ग्राहक को अंधेरे में नहीं रखा जा सकेगा। अगर कोई ग्राहक बिना हॉलमार्क का आभूषण खरीदता है तो उसे भटकना पड़ सकता है।