प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले 19 हजार किसानों ने एक साल बाद भी ई-केवाईसी नहीं कराई है। कृषि विभाग के गांवों में चलाए गए विशेष अभियान में भी इन्होंने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इससे विभाग अब इनका नाम पोर्टल से हटाने की कवायद में जुट गया है। 15 सितंबर तक ई-केवाईसी कराने पर ही किसान 15वीं किस्त पाने के हकदार होंगे।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पहली किस्त दिसंबर 2019 में जारी हुई थी। शुरुआती दौर में जिले में 1.71 लाख किसानों को योजना का लाभ मिला था। इसके बाद से किसानों की संख्या लगातार बढ़ती गई। मार्च 2022 तक किसानों की संख्या 2,26,280 तक पहुंच गई, हालांकि सत्यापन शुरू होने पर 45 हजार से अधिक अपात्र मिले। इनको 12वीं किस्त के बाद योजना का लाभ नहीं दिया गया। पात्रों के चयन के लिए एक साल में कृषि विभाग ने ब्लॉक, गांव, तहसील स्तर पर शिविर लगाकर नए लोगों का नाम जोड़ा। इस अभियान में भी 19 हजार किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराया। उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि ई- केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है। 19 हजार लाभार्थियों ने अब भी ई-केवाईसी नहीं कराया है। इससे आगामी किस्त से पूर्व इनका नाम हटा दिया जाएगा।