दुर्गागंज क्षेत्र के वरना गांव तीन दिन से लापता युवक का शव मिलने के बाद रोते-बिलखते परिवार वाले।
भदोही जिले की सीमा से लगे इलाहाबाद के सराय ममरेज थानाक्षेत्र के वरना गांव में तीन दिन से लापता युवक की लाश शुक्रवार को वरुणा नदी के किनारे मिलने के बाद सनसनी फैल गई। सुबह टहलने के लिए निकले लोगों ने लाश देखी तो हंगामा मच गया। नाराज लोगों ने जंघई-दुर्गागंज मार्ग को लगभग ढाई घंटे तक जाम रखा। सीमा स्पष्ट न होने के कारण मौके पर भदोही और इलाहाबाद दोनों जिलों की पुलिस पहुंच गई। बाद में मामला इलाहाबाद जिले का निकलने के बाद शव को सराय ममरेज थाने की पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
वरना गांव निवासी अमर बहादुर का तीसरा पुत्र संजीव (20) बीए प्रथम वर्ष का छात्र था। गत 12 जुलाई को वह अबूझ हाल में घर से लापता हो गया था। इसकी सूचना घरवालों ने पुलिस को दी थी। इसके बाद शुक्रवार को वरना गांव में ही वरुणा नदी के किनारे उसकी लाश मिली। ग्रामीणों में चर्चा थी कि जिस दिन संजीव लापता हुआ था, उस दिन कुछ लोगों के साथ किसी बात को लेकर उसकी मारपीट भी हुई थी।
लेकिन, इसके बाद वह घर नहीं लौटा। शुक्रवार को शव मिलने के बाद चर्चा तेज हो गई कि उसी दिन युवक की हत्या कर दी गई होगी। देखने से शव दो-तीन दिन पुराना लग रहा था। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने दुर्गागंज-जंघई मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सुबह नौ बजे से लेकर साढ़े 11 बजे तक चले जाम के दौरान सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ।
जानकारी मिलने के बाद भदोही सीओ और दुर्गागंज एसओ भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। सीमा का मामला होने के कारण इलाहाबाद जिले की पुलिस भी पहुंच गई। काफी समझाने-बुझाने के बाद साढ़े 11 बजे के आसपास ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया। छानबीन में पता चला कि प्रकरण इलाहाबाद जिले की सीमा में आता है। इसके बाद सराय ममरेज थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। संजीव तीन भाइयों में सबसे छोटा था।