कश्मीर में तीन दिनों से चल रहे बवाल के बीच बाबा बर्फानी का दर्शन कर रविवार की देर रात लौटे जिले के सात श्रद्धालु दहशत के जिस पल को जीकर आए हैं, वे उससे उबर नहीं पा रहे हैं। वहां के माहौल को बयान करके सिहर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आंखों के सामने ही उपद्रवियों ने आठ दूकानों को आग के हवाले कर दिया। किसी तरह के वे सुरक्षा बलों के साये में सुरक्षित रहे।
ज्ञानपुर नगर के बड़ाडीह निवासी सुरेंद्र रावत उर्फ गोरेलाल, पिंटू रावत, अनिल भारतीय, देवी प्रसाद, शिव कुमार समेत सात लोग 28 जून को बाबा अमरनाथ का दर्शन करने के लिए गए थे। वहां से लौटते समय कश्मीर में जारी बवाल में फंस गए। बालटाल से आगे बढ़ चुके दर्शनार्थियों ने कई स्थानों पर उपद्रव की स्थिति देखी। काफी मशक्कत क े बाद रविवार की देर रात सभी सकुशल अपने घर पहुंच गए।
सोमवार को सुबह अमर उजाला से बातचीत में गोरेलाल ने बताया कि बालटाल, श्रीनगर, पुलवामा में माहौल ठीक नहीं है। हजारों की संख्या में यात्री जगह-जगह फंसे हैं। उन्होंने बताया कि लौटते समय बालटाल के समीप एक बाजार की आठ से 10 दूकानों को उपद्रवियों ने देखते ही देखते जला दिया।
केंद्रीय सुरक्षा बल के होने से लोग सुरक्षित हैं, अन्यथा उपद्रवी वहां की स्थिति और भी भयावह बना देते। अमरनाथ यात्रियों की विशेष सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है, जिसके चलते उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई। मगर उपद्रवियों पर पुलिस प्रशासन काबू नहीं कर पा रहा है। सड़कों पर उनकी मनमानी जारी है।