घोसिया। औराई थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर नहरा स्थित एक अवैध पॉली क्लीनिक को शनिवार को एसडीएम ने सीज कर दिया। इससे इलाके के अवैध अस्पताल संचालकों में खलबली मच गई। डीएम के निर्देश पर एसडीएम कविता मीणा स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम के साथ पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई में अस्पताल के अभिलेख जब्त कर लिए गए। प्रसव के लिए भर्ती दो महिलाओं को एसडीएम ने एंबुलेंस से सीएचसी भेज दिया। इसमें एक महिला की हालत चिंताजनक होने पर मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया। माधोसिंह क्षेत्र के त्रिलोकपुर नहरा के पास आदर्श पॉली क्लीनिक एवं सर्जिकल सेंटर के नाम से अवैध तरीके से अस्पताल चल रहा था। नीरज गुप्ता और अंजू गुप्ता इसका संचालन करते थे। नीरज गुप्ता समाजवादी पार्टी के सक्रिय सदस्य भी हैं। एक व्यक्ति ने आइजीआरएस पोर्टल पर मुख्यमंत्री और डीएम से अस्पताल के अवैध संचालन की शिकायत की थी, जिसकी जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. जेपी सिंह ने की। क्लीनिक को दो बार बंद करने के लिए नोटिस दिया गया, लेकिन संचालकों ने नहीं सुना। शनिवार को दोपहर 12 बजे एसडीएम औराई कविता मीणा, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेसी सरोज, कोतवाली प्रभारी सुनील दत्त दुबे के साथ क्लीनिक पहुंचीं। जांच पड़ताल करने के बाद क्लीनिक को सीज कर दिया गया। अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती सरस्वती निवासी उपरौठ और सुनीता देवी निवासी केवटाहीं को एसडीएम ने एंबुलेंस से सीएचसी भेजा। वहां सरस्वती देवी को बेटी हुई। सुनीता का बच्चा पेट में करवट लेने से उसे मंडलीय चिकित्सालय रेफर किया गया। डिप्टी सीएमओ डॉ. सरोज ने बताया कि अस्पताल के खिलाफ दो बार मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जो भी अवैध अस्पताल चल रहे हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।