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दूसरे के नाम पर 1

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सीतामढ़ी। दूसरे के नाम पर 18 साल तक शिक्षक बनकर नौकरी करता रहा जालसाज की पोल आधार कार्ड और पेनकार्ड लिंक होने पर खुल गया। मामला खुलने से पहले वह तैनाती स्कूल डीघ के प्राथमिक विद्यालय गढ़ कलिंजर को छोड़कर फरार हो गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने सोमवार को कोइरौना थाने में जालसाजी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। हैरत की बात है कि 18 साल तक उसने नौकरी की और बैंक से लेकर शिक्षा विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग सकी।
डीघ के प्राथमिक विद्यालय गढ़ कलिंजर के प्रधानाध्यापक अखिलेश चंद्र सिंह पुत्र श्रीपाल सिंह निवासी 56 चौखंडी, कीडगंज इलाहाबाद के विरुद्ध सोमवार को कोइरौना थाने में खंड शिक्षा अधिकारी डीघ रविंद्र शुक्ला ने 419, 420, 467, 468 और 471 आदि धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया है। शिक्षक के ऊपर आरोप है कि वह फतेहपुर जनपद के सैदपुर मुरुही निवासी अखिलेश चंद्र सिंह पुत्र श्रीपाल सिंह के नाम पर फर्जी ढंग से नौकरी कर रहा था। गौरतलब है कि यह फर्जी शिक्षक भदोही जनपद में वर्ष 1999 में फतेहपुर से ट्रांसफर करा कर आया था और तभी से नौकरी कर रहा था। उसने पहला कार्यभार 31 जुलाई 1999 को प्राथमिक विद्यालय रामपुर घाट पर ग्रहण किया। उसके बाद प्राथमिक विद्यालय कोइरौना द्वितीय फिर वर्ष 2008 से डीघ के प्रथमिक विद्यालय गढ़ कलिंजर में बतौर प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत रहा।
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इसकी करतूत का खुलासा तब हुआ जब इसका आधार कार्ड, पैनकार्ड लिंक हुआ। इसकी शिकायत फतेहपुर जनपद निवासी अखिलेश चंद्र सिंह ने की थी। जब इसकी जांच शिक्षा विभाग से शुरू हुई तो यह जालसाज शिक्षक 17 अप्रैल 2018 से प्राथमिक विद्यालय छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद पोस्ट आफिस के माध्यम से अपना त्याग पत्र भेज दिया। खास बात यह है कि उसके फ्रॉड का सच तब सामने आया, जब वह एक वर्ष बाद रिटायर्ड होने वाला था। हैरान करने वाली बात यह है कि जिले में 18 वर्षों तक बतौर शिक्षक कार्य करने के बाद भी न तो बैंक और न ही शिक्षा विभाग को इसकी काली करतूत का पता चला। खंड शिक्षा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि राजकीय कोष से अवैध रूप से धन प्राप्त कर लोक संपत्ति की क्षति की गई है और विभाग के साथ धोखाधड़ी हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि मुकदमा दर्ज कराया गया है। राजकीय धन की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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