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अवैध खनन: राजस्व को लग रहा लाखों का चूना

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ज्ञानपुर/चौरी। शासन के सख्त निर्देश के बाद भी जिले में अवैध खनन का कारोबार तेजी से हो रहा है। सैकड़ों ट्रैक्टर मिट्टी के साथ घाटों पर बालू का भी खनन गुपचुप तरीके से किया जा रहा है। खनन विभाग के साथ ही खाकी भी जानते हुए अनजान बनी हुई है। चौरी और औराई के सीमावर्ती इलाके में धड़ल्ले से कारोबार चल रहा है। पूर्ववर्ती सपा और बसपा की सरकारों में खनन को लेकर काफी ढिलाई बरती गई थी लेकिन सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगा दिया। विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी संबंधित फर्म को तय मानक के अनुसार ही खनन की छूट दी जाती है। वर्तमान समय में खनन को लेकर अभी कुछ ठोस निर्णय नहीं लिया गया लेकिन जिले में अवैध मिट्टी और बालू खनन का काम जोरों पर है। ग्रामीण अंचलों में अवैध खनन का सिलसिला बेख़ौफ़ जारी है । चौरी के जगदीशपुर और अमवा गांव में पिछले एक पखवारे से रात-रात भर जेसीबी से अवैध खनन हो रहा है। सैकड़ों ट्रैक्टर मिट्टी ढोई जा रही है। खटर-पटर की आवाज से जगने वाले ग्रामीण पुलिस को सूचना दे रहे हैं लेकिन पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात में हो रहे अवैध खनन के दौरान यूपी 100 की गाड़ी भी खड़ी रहती है। खनन माफियाओं के इस खेल में भीटा, खेलकूद के मैदान संग सिंचाई की नाली पर भी जेसीबी धड़ल्ले से चल रहे हैं। इसी तरह औराई के सीमावर्ती गावों में भी मिट्टी के साथ ही गंगा का बालू भी चुपके-चुपके निकाला हा रहा है। खनन विभाग से लेकर पुलिस महकमा मामले में चुप्पी साधे हुए है। अवैध खनन से सरकार को हर माह लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। भाजपा नेत्री वंदना दुबे ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
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खनन निरीक्षक अरविंद कुमार यादव ने कहा कि जिले के कुछ भट्ठा संचालकों को पर्यावरण से मिलने वाला आदेश पत्र मिल गया है, जिससे वह खनन कर सकते हैं लेकिन अगर आदेश नहीं मिला है तो कार्रवाई होगी। मामले को दिखवाया जाएगा।
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