वहिदानगर (भदोही)।
कोइरौना थानाक्षेत्र के कालिकानगर में बुधवार की रात एक किशोरी ने दुपट्टे के फंदे में झूलकर अपनी जान दे दी। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बिहार के समस्तीपुर जिले के सिवई सिंहपुर गांव निवासी जोगेंद्र महतो कालिकानगर इंटर कॉलेज के सामने कालीन कारोबारी अजमेर के कारखाने में कालीन बुनाई का कार्य करता है। वहीं, पास के ही एक जर्जर पंचायत भवन में पत्नी के साथ रहता था। दो माह पूर्व वह बिहार से अपनी 15 वर्षीय बेटी अर्चना को यहां लाया था। तब से वह कारखाने के बगल में स्थित जितेंद्र जायसवाल के मकान के दूसरे तल को किराए पर लेकर रहने लगा था। बुधवार सुबह सात बजे जोगेंद्र और उसकी पत्नी शिवकुमारी कालीन बुनाई के लिए कारखाने चले गए। बीच-बीच में जोगेंद्र कमरे में अकेली बेटी को देखने भी आता जाता रहा। दिन करीब 11 बजे जब वह उसे देखने आया तो बेटी अर्चना आंगन के दरवाजे पर लगे रोशनदान से फांसी लगाकर दुपट्टे से झूलती दिखी। उसने पत्नी को मौके पर बुला लिया और बेटी को जीवित समझ दुपट्टे को हंसिया से काटकर नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी। रोने-बिलखने की आवाज सुनकर पड़ोसियों की भीड़ लग गई। कोइरौना प्रभारी निरीक्षक वीके सिंह, क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर रामकरन और फोरेंसिक टीम भी पहुंच गई। जांच और कागजी कार्रवाई के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पिता का कहना कि पांच संतानों में अर्चना उनकी लाडली बेटी थी। जब से यहां आई थी, लगातार घर जाने की जिद कर रही थी, हम छठ पूजा पर घर जाने वाले थे, लेकिन अचानक यह घटना हो गई। ज्ञानपुर क्षेत्राधिकारी रामकरन ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।