ज्ञानपुर। कोतवाली क्षेत्र के मिल्की गांव में मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे यूरिया मिश्रित चावल खाने से 23 भेड़ और तीन बकरियों की मौत हो गई। इससे पशुपालकों में खलबली मच गई। खबर मिलते ही पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल उपचार शुरू कर दिया, जिससे 26 भेड़-बकरियां बच गईं। मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कर पशुपालकों को सौंपा गया। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने भी मौका मुआयना किया। मिल्की गांव निवासी सियाराम पाल, बोदर पाल और सुरेश पाल की भेड़ और बकरी हर रोज एक साथ चरने के लिए जाती थीं। मंगलवार को दोपहर में भेड़ चरते हुए एक राइस मिल के समीप चली गईं। वहां पर अचानक एक-एक कर भेड़ें बेसुध होने लगीं। यह देख पशुपालक परेशान हो गए। सूचना मिलने के बाद मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरबी मौर्य टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उपचार करने से करीब 25 मवेशियों की हालत में सुधार होने लगा मगर 23 भेड़ और तीन बकरियों को नहीं बचाया जा सका। डॉ. मौर्य ने बताया कि मौके पर यूरिया मिश्रित चावल गिरा पड़ा था, जिसका सेवन करने से मवेशियों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि यूरिया के सेवन से शरीर में अमोनिया गैस की मात्रा बढ़ जाती है, जो नर्वस सिस्टम को डैमेज कर देती है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। वहीं, मवेशियों के मरने से पशुपालकों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है।