चौरी। गत दिनों चौरी में हुए विस्फोट पर पुलिस-प्रशासन की सक्रियता पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की नाक के नीच रोटहा में चल रहे पटाखे के अवैध कारोबार से पुलिस अनजान बनी रही। अगर पुलिस सक्रियता दिखाती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में पर्वों के दौरान हुई शांति समिति की बैठकों में पुलिस के संज्ञान में यह मामला डाला जा रहा था। इसके बावजूद पुलिस इससे अनजान बनी रही। अगर शिकायतों को पुलिस समय गंभीरता से ली होती तो क्षेत्र की इतनी बड़ी तबाही और बदनामी शायद नहीं होती। जबकि इरफान पटाखे के इस कारोबार में लंबे समय से लगा हुआ है। वह खास पर्वों पर बमबाजी का खुलेआम प्रदर्शन करता था। स्थानीय लोग पुलिस से इस पर पाबंदी लगाने की मांग की थी। धमाके के बाद से लोगों के बीच यह प्रश्न हवा में तैरने लगा है कि पुलिस सब कुछ जानते हुए भी कैसे अनजान बनी रह गई।