भदोही। वर्ष 2010 में फर्जी तरीके से भदोही ब्लॉक के परगासपुर में ग्राम रोजगार सेवक पद पर संविदा पर नौकरी हासिल करने के मामले में शनिवार को कोतवाली पुलिस ने आरोपी मिथिलेश कुमार दूबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। 10 अक्तूबर को न्यायालय ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराने का आदेश दिया था। नई बाजार पुलिस चौकी प्रभारी ईश्वर देव सिंह को विवेचना सौंपी गई है। परगासपुर गांव के विजय कुमार तिवारी तहरीर देकर बताया था कि 4 मई 2010 को ग्राम पंचायत भवन में ग्राम रोजगार सेवक की संविदा के तहत नियुक्ति होनी थी। तत्कालीन ग्राम प्रधान उषा दूबे के चचेरे देवर मिथिलेश कुमार दूबे ने कूटरचित तरीके से कार्यवाही रजिस्टर में ग्राम पंचायत सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान बनाकर नौकरी हासिल कर ली। इसके बाद कई वर्षों तक नौकरी करता रहा। वादी ने वर्ष 2016 में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए जिला मुख्यालय पर अनशन किया था। तब अधिकारियों ने आश्वासन देकर अनशन समाप्त करा दिया था। इसके बाद वह अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाता रहा लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। थक-हार कर उसने न्यायालय की शरण ली। इसके बाद कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच का निर्देश दिया। कोतवाल नवीन तिवारी ने बताया कि सीजेएम कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।