जंगीगंज। गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के चेरापुर-बिरनई गांव की वनवासी बस्ती में दूसरे दिन बुधवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। सरकारी अमले के साथ-साथ राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी उस गरीब की ओर ध्यान नहीं दिया, जो चर्चा का विषय बना रहा। पीड़ित रामलाल वनवासी पत्नी और बेटे के गम में दुखी रहा।
सोमवार की देर रात गांव के वनवासी बस्ती में आग लग जाने से रामलाल की पत्नी एवं छह वर्षीय पुत्र की मौत हो गई थी। बुधवार को किसी का सहारा न मिलने से रामलाल मृतकों के क्रिया-कर्म कर स्वयं भोजन भी पका रहा था। बंद बक्से में मृतक परिवार के सदस्यों की कुछ यादें मिल जाए इस आशा में कागजों को एकत्रित भी किया। आग की भेंट चढ़े आशियाने से बचे सामानों को उसे चुनते देख लोग विह्वल हो जा रहे हैं। बस्ती में जुटे लोग यह कहने से नहीं चूके कि घटना के दो दिन बाद भी गरीबों का रथ हांकने वाले आलाधिकारी एवं विकास की गंगा बहाने का दंभ भर रहे नेताओं की कथनी और करनी स्पष्ट हो चुकी है।