ज्ञानपुर। औराई कोतवाली क्षेत्र के सरौली गांव में कूटरचित तरीके से छह बीघे दो बिस्वा जमीन का बैनामा कराने वालों पर जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र का पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। साल भर पहले हुए प्रकरण में पुुुलिस ने यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर किया।
औराई के सरौली गांव निवासी रामअवलंब तिवारी पुत्र स्व. बेचन तिवारी ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 20 मार्च 2017 को गांव के चंद्रकांत तिवारी से उसकी भूमिधरी आराजी नंबर 181 और 169 के 1/3 रकबा करीब 12 बिस्वा के बैनामा की बात 50 लाख में तय हुई थी। रजिस्ट्री कार्यालय औराई में कूटरचित तरीके से उसकी आराजी नंबर 335 का रकबा छह बीघे दो बिस्वा का बैनामा करा लिया, जिसकी कीमत तीन करोड़ से अधिक है। रजिस्ट्रार के सामने उसे 15 लाख का चेक एसबीआई उगापुर, 10 लाख का चेक काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक को संतोष सिंह ने दिया। जब वह रजिस्ट्री कार्यालय से बाहर निकला तब चंद्रकांत आदि ने कहा कि आप अपने बैंक का खाता नंबर दे दें पैसा भेज देंगे। उसके खाते में 25 लाख आ गया, लेकिन 25 लाख रुपये आज तक नहीं आया। 17 अप्रैल 2017 को जब आराजी नंबर 335 में फसल काटने के लिए गया तो चंद्रकांत, संतोष सिंह, जितेंद्र सिंह और राम प्रसाद ने यह कहकर रोक दिया कि इस आराजी नंबर का बैनामा कराया गया है। थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बाद में पीड़ित ने न्यायालय में गुहार लगाई। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चंद्रमोहन मिश्रा की अदालत ने प्रकरण में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश पर औराई पुलिस ने संतोष सिंह, जितेंद्र सिंह और राम प्रसाद निवासी उगापुर जबकि चंद्रकांत तिवारी निवासी सरौली के खिलाफ 16 नवंबर को 419, 420, 468, 471 और 120 बी का मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी, हालांकि पीड़ित ने आरोप लगाया कि केस दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है।