सुरियावां। नगर के एक लकड़ी की दुकान में कालाबाजारी के लिए रखे 38 बोरी सरकारी अनाज के मामले में शुक्रवार को वार्ड आठ के कोटेदार और सभासद के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। वहीं वार्ड तीन की दुकान पर कार्रवाई न होने से कार्डधारकों में नाराजगी है। जबकि आरोप है कि वार्ड तीन की दुकान का अनाज भी उसी लकड़ी की दुकान में था। आरोप लग रहा है कि पूर्ति विभाग की ओर से वार्ड तीन के कोटेदार को बचाया जा रहा है। बृहस्पतिवार सुबह भदोही तहसीलदार रामजी और सुरियावां एसओ सत्येंद्र यादव ने वार्ड तीन निवासी मुरली पुत्र सुखराम के अशोक नगर स्थित लकड़ी की दुकान पर छापेमारी की थी। इस दौरान दुकान के अंदर 38 बोरी सरकारी अनाज बरामद हुआ था। 50 किलो प्रति बोरी के हिसाब से करीब 19 क्विंटल चावल बोरियों में भरा था। सभासद मुरली ने बयान दिया था कि वह अनाज कोटेदार पप्पू मौर्या पुत्र राजेंद्र प्रसाद मौर्या ने रखा था। तहसीलदार ने सभी 38 बोरी चावल को शांति देवी की कोटे की दुकान को सुपुर्द कर दिया। कहा कि उक्त सभी बोरियों को वह अपनी कस्टडी में रखें। तहसीलदार ने वार्ड संख्या तीन अशोक नगर के राजेंद्र प्रसाद मौर्य और वार्ड संख्या आठ जयप्रकाश नगर की मनीषा मौर्य पत्नी पप्पू मौर्य की दुकानों को सीज कर दिया था। शुक्रवार को पूर्ति निरीक्षक राजेश मिश्र की तहरीर पर सुरियावां थाने में वार्ड आठ की कोटेदार मनीषा मौर्य और सभासद मुरली गौतम के खिलाफ वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। प्रकरण में वार्ड तीन के कोटेदार पर कार्रवाई न होने से कार्डधारकों में नाराजगी है। पूर्ति निरीक्षक राजेश मिश्र ने कहा कि केस दर्ज कराया गया है। मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है।