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गबन में मनरेगा के तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त

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ज्ञानपुर। भदोही विकास खंड के परगासपुर गांव में गबन के मामले में प्रधान-सेक्रेटरी के बाद अब मनरेगा के तकनीकी सहायक पर भी कार्रवाई की गाज गिर गई। डीएम के निर्देश पर तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त कर दी गई, जबकि 56 हजार जबकि सेवानिवृत्त सेक्रेटरी से भी वसूली का निर्देश दिया गया है।
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परगासपुर गांव निवासी राजेंद्र तिवारी ने दो साल पूर्व जनता दर्शन में प्रार्थना पत्र देकर विकास कार्यो में धांधली का आरोप लगाया था। शुरुआती जांच में गड़बड़ी सामने आने पर डीएम ने नोटिस जारी किया साथ ही ग्राम प्रधान जोगेंद्र राम का अधिकार सीज कर दिया। अंतिम जांच के लिए उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग और बीडीओ भदोही को नामित किया गया। कमेटी ने जांच में पाया कि धईकार बस्ती में सड़क के दोनो तरफ मिट्टी के कार्य, मनरेगा के कार्यों में गड़बड़ी की गई। दोनों कार्यो में एक लाख 78 हजार का गलत ढंग से भुगतान पाया गया। डीएम राजेंद्र प्रसाद ने ग्राम प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज करते हुए सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया था। 15 अक्टूबर 2018 को प्रधान को पद से पृथक किया गया। त्रिस्तरीय अफसरों की टीम में जांच के दौरान यह बात सामने आई कि मनरेगा के तकनीकी सहायक ह्दय नारायण सिंह की संलिप्तता रही। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने मार्च में सेवा समाप्त करने की संस्तुति करते हुए डीएम को पत्र लिखा। डीएम राजेंद्र प्रसाद ने तकनीकी सहायक मनरेगा की सेवा समाप्त करते हुए गबन की रकम 59 हजार 338 की वसूली का आदेश दिया है। इसी तरह सेवानिवृत्त सेक्रेटरी सभाजीत से गबन की राशि वसूलने के लिए कहा।
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