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अराजकतत्वों ने फूंका 40 बीघे का धान और पुआल

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औराई। कोतवाली क्षेत्र के चार गांवों के 19 किसानों की 40 बीघे की धान की फसल और पुआल शुक्रवार की रात अराजक तत्वों ने फूंक दिया। इससे भारी मात्रा में अनाज और पशुओं का चारा जलकर राख हो गया। इसको लेकर किसान चिंतित हो गए हैं। किसानों की शिकायत पर पुलिस ने छानबीन की। हालांकि देर शाम तक एक भी संदिग्ध पुलिस के हाथ नहीं लग सका था।
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घोसिया नगर से सटे नरथुआं, राजापुर, चक हरदयाल और घोसिया ताल के 19 किसानों की 40 बीघे धान की फसल और पुआल खलिहान में रखा गया था। शुक्रवार की आधी रात के बाद किसी समय अचानक खलिहान से आग की लपटें उठने लगीं। यह देखकर लोग परेशान हो गए। सात स्थानों पर एक साथ जल रहे धान के बोझ और पुआल को बचाने में ग्रामीण जुट गए। उसके बाद अग्निशमन विभाग की टीम भी पहुंची, लेकिन तब तक सभी फसल जलकर राख हो गया। नुकसान की कीमत तीन लाख से अधिक बताई जा रही है। अगलगी में सुरेंद्र दूबे का तीन बीघा, अशोक दूबे का दो बीघा, राजकुमार दूबे का दो बीघा, लालचंद दूबे का दो बीघा, लोलारख दूबे का दो बीघा निवासी नरथुआं, शारदा बिंद का तीन बीघा, नंदू यादव का एक बीघा, शकुंतला देवी का एक बीघा निवासी राजापुर, माताप्रसाद दूबे का चार बीघा, सीताराम यादव का तीन बीघा, भोनू यादव का एक बीघा, नन्हकू यादव का दो बीघा, नंद यादव का 10 बिस्वा निवासी घोसिया, रमेश का एक बीघा, जमुना बिंद का एक बीघा, मिंदर बिंद का एक बीघा निवासी चकहरदयाल, बुद्धू राजापुर का ढाई बीघा और सूद्धू का डेढ बीघा धान के बंधे बोझों और पराली जलकर नष्ट हो गई। किसानों की शिकायत पर पुलिस ने हाथ पैर जरूर मारे, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी। उक्त ताल में यह कोई पहली घटना नहीं है। चार वर्ष से लगातार हर वर्ष अराजक तत्व ऐसी घटना को अंजाम दे रहे हैं।
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