ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में पति को 10 साल जबकि ससुर और जेठ को सात-सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया। तीन साल पूर्व औराई के कोलाहलपुर गांव में हुई घटना में मंगलवार को यह फैसला सुनाया गया।
अभियोजन के अनुसार जौनपुर जिले के सुुरेेरी थानाक्षेत्र के भदखिन गांव निवासी घनश्याम पुत्र रामलाल ने औराई थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी सुमन की शादी 26 अप्रैल 2012 को औराई क्षेत्र के कोलाहलपुर गांव निवासी सत्य नारायण पुत्र फूलचंद्र से की थी। सामर्थ्य के अनुसार शादी में काफी दहेज दिया था। शादी के कुछ दिन बाद उसके पति, ससुर और जेठ दहेज को लेकर उसकी बेटी सुमन को प्रताड़ित करने लगे। आए दिन बेटी को मारते-पीटते। इसको लेकर कई बार पंचायत भी हुई। ससुराल में प्रताड़ना से परेशान होकर सुमन नहीं जा रही थी लेकिन काफी कहने पर मई 2014 में उसकी विदाई की गई। 26 जुलाई को रिश्तेदारों के माध्यम से पता चला कि उसकी बेटी को जलाकर मार डाला गया। उसके घर जाकर देखा तो सुमन मृत पड़ी थी। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर विवेचना किया। न्यायालय में आरोपपत्र भेजा गया। दोनो पक्षों के बहस और पैरवी सुनने के बाद न्यायाधीश मृदुल कुमार मिश्रा ने दोषी पति सत्य नारायण को 10 साल और ससुर फूलचंद्र, जेठ भोलानाथ को सात-सात साल सश्रम कारावास के साथ पांच-पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। वादी की ओर से बहस-पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने की।