ज्ञानपुर। दूसरों को सुरक्षित यातायात की सीख देने वाले पुलिसकर्मी खुद ही असुरक्षित तरीके से सड़कों पर चलते देखे जा सकते हैं। ऐसे में दुर्घटनाओं को दावत देने के काम में कानून का पालन कराने वाले लोग भी शुमार होते दिख जाते हैं। जिले की सड़कों पर दौड़ रहे पुलिसकर्मियों के वाहनों में न तो चालक सीट बेल्ट लगाकर चलता है ना ही बाइक सवार पुलिसकर्मी हेलमेट लगाना मुनासिब समझते हैं। बृहस्पतिवार को कई स्थानों पर पुलिसकर्मी ऐसे ही गाड़ी चलाते नजर आए। यूं तो पुलिस कानून का पालन कराने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, लेकिन सभी के लिए समान कानून वाली व्यवस्था में कई बार खुद ही उस कानून की दुर्गति करती भी नजर आ जाती है। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लोगों को सीट बेल्ट लगाने, बिना हेलमेट के बाइक न चलाने और तीन सवारी के साथ बाइक न चलाने आदि की कानूनी सीख देने और ऐसा करने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई करने वाली पुलिस ही कई बार इन कानूनों को अपने हाथ में लेती दिखती है। जबकि यातायात सुरक्षा हो या कोई आपराधिक कृत्य कानून सभी के लिए बराबर है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने जिले में यातायात सुरक्षा और कानून व्यवस्था का पालन कराने वाली पुलिस पर नजर डाली तो व्यवस्था में कई छेद मिले। कई स्थानों पर बाइक सवार पुलिसकर्मी जहां बिना हेलमेट के तीन-तीन सवारियां बैठाकर फर्राटा भरते दिखे तो यूपी-100 वाहन के चालक भी बिना सीट बेल्ट गाड़ी दौड़ाते नजर आए। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि नियम सभी के लिए बराबर हैं। पुलिसकर्मियों के लिए भी यातायात के नियमों का पालन करना जरूरी है। विभागीय निर्देश दिया भी गया है। यातायात नियमों का पालन न करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है।