ज्ञानपुर। सूबे की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार खत्म करने का जहां दंभ भर रही है वहीं कुछ विभाग सरकार की मंशा को पलीता लगा रहे हैं। खामियां छुपाने के लिए सुविधा शुल्क का तड़का लगाया जा रहा है। ताजा मामला सरई मिश्रानी गांव में बुधवार को देखने को मिला। छापेमारी के नाम पर खानापूर्ति कर रहे बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत किया। सरई मिश्रानी गांव के प्रधान प्रतिनिधि सर्वेश चंद्र मिश्र और कंसराज बिंद ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि बुधवार को उनके गांव में बिजली विभाग की टीम अवैध कटियामारी के खिलाफ छापेमारी की। आरोप है कि जांच में उनको केवल एक अवैध कनेक्शन धारक मिला। जबकि गांव में 80 फीसदी कनेक्शन धारक अवैध है। सुविधा शुल्क के चलते एक को छोड़कर सभी कनेक्शन धारक वैध हो गए। गांव में कई आटा चक्की, निजी नलकूप, लाइट कनेक्शन अवैध ढंग से संचालित हो रहे हैं। लालानगर विद्युत उप केंद्र के अवर अभियंता ने कहा कि समय की कमी के चलते और अवैध कनेक्शन धारकों की जांच नहीं की जा सकी। अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने कहा कि अवर अभियंता की भूमिका की जांच कराई जाएगी। सुविधा शुल्क लेने का आरोप सही साबित होने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।