ज्ञानपुर। लखनो में हुए स्कूल वैन हादसे की जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन ने शासन को भेज दी है। रिपोर्ट को हालांकि गोपनीय रखा गया है, बावजूद इसके सूत्रों की मानें तो इसमें स्कूल संचालक की लापरवाही मुख्य बिंदु रहा है।
12 जनवरी को जिला मुख्यालय से सटे लखनो गांव में स्कूली बच्चों से भरी एक निजी मारुति वैन में आग लग गई थी। रसोई गैस सिलिंडर से संचालित वैन में गैस रिसाव से पिछला गेट खोलते ही आग लग गई और 19 बच्चे झुलस गए थे। इनमें से तीन बच्चों की बीएचयू ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि छह बच्चे अब भी आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। इस मामले की एसआईटी जांच का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया था। इसके लिए उच्चस्तरीय अधिकारियों की टीम ने जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी, जिसे शासन को भेज दिया गया। घटना के बाद बड़े पैमाने पर अवैध ढंग से संचालित हो रहे स्कूलों को बंद कराया गया था और बिना फिटनेस, परमिट के फर्राटा भर रहे स्कूल वाहनों को सीज किया गया था। घटना से लोगों का आक्रोश भी फूटा था और जिम्मेदार अधिकारियों और विभागों पर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि घटना की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। मामले की मॉनीटरिंग कड़ाई से की जा रही है।
आठवीं की मान्यता, 12वीं तक कक्षाएं
ज्ञानपुर। जिले में शिक्षा व्यवस्था को माफिया ने पंगु कर दिया है। इतने बड़े हादसे के बाद भी न तो विभाग सचेत हो सका है ना ही प्रशासन। लिहाजा शिक्षा को मोटी कमाई का जरिया बना चुके स्कूल प्रबंधन मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे। अब भी आठवीं तक की मान्यता की आड़ में इंटरमीडिएट तक कक्षाएं चलाने का खेल बिना किसी रोकटोक के चल रहा है। ज्ञानपुर जिला मुख्यालय और नगर के आसपास ही ऐसे कई विद्यालय चल रहे हैं, जिनकी मान्यता जूनियर की है, लेकिन अटैचमेंट के खेल से वह इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी और ऐसे विद्यालयों को किसी सूरत में नहीं चलने दिया जाएगा।