महाराजगंज। पैसे के लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुई मारपीट के बाद भारी बवाल हो गया। दोनों तरफ से जमकर ईंट-पत्थर चले। इसमें सात लोग घायल हो गए। पुलिस पर भी उपद्रवियों ने पथराव कर उनकी दो बाइक क्षतिग्रस्त कर दी। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ ही पीएसी तैनाती की गई। इसके बाद हालात काबू में आए। इससे महाराजगंज बाजार पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया।
31 अक्तूबर रात महाराजगंज बाजार में दो व्यापारियों के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। एक पक्ष ने रात में ही कुछ अराजक तत्वों को बुलाकर मारपीट की। दोनों पक्षों ने रात में थाने जाकर एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी। मामले की जांच चल ही रही थी कि शनिवार सुबह कुछ लोग संतोष अग्रहरी के घर में घुस गए और मारपीट शुरू कर दी, जिसमें सुजाता (35) पत्नी संतोष और मोहित (20) गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग भी इकट्ठा हो गए और ईंट-पत्थर चलने लगे। इसमें बेवी (40), संतोष अग्रहरी (40), कपिल (22), गुलाब अग्रहरी (70) और राहुल (24) गंभीर रूप से घायल हो गए।
बीचबचाव में आई पुलिस को भी उपद्रियों ने नहीं छोड़ा। पुलिस की बाइक तोड़ दी। पुलिस पर पथराव भी किया। सूचना पाकर सीओ औराई रामकरण दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए। हालात बिगड़ते देख मौके पर आसपास के कई थानों की पुलिस और पीएसी को बुला लिया गया। भारी पुलिस बल देख पथराव कर रहे उपद्रवी शांत हो गए। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई घरों में दबिश दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। बताया जाता है कि 31 अक्तूबर को बाजार का एक व्यक्ति शराब के नशे में धुत होकर गुलाब अग्रहरी की दुकान में आया और वाद-विवाद करने लगा। लोगों ने समझाया तो हाथापाई शुरू हो गई। इसके बाद नशे में धुत व्यक्ति ने अपने साथियों को बुलाकर मारपीट शुरू कर दी। शोर शराबा सुनकर दूसरे पक्ष के लोग भी इकट्ठा हो गए, जिसके बाद बुलाए गए लोग वहां से भाग खड़े हुए। इसके दो दिन बाद शनिवार को सुबह कुछ लोग फिर संतोष के घर में घुस गए। आरोप है कि वहां उसकी पत्नी सुजाता के साथ बदसलूकी की और मारा पीटा। इसके अलावा मोहित की बेरहमी से पिटाई की, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों से लोग लामबंद हो गए और ईंट-पत्थर चलने लगा।
बवाल के विरोध में बंद रहा बाजार
महाराजगंज। महाराजगंज बाजार में शनिवार को दो व्यापारियों के बीच हुई मारपीट के बाद बढ़े बवाल से नाराज दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। बाजार की तमाम दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों ने बवाल के लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पहले ही तहरीर देकर माहौल बिगड़ने की आशंका जताई गई थी, लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। तहरीर पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूरा बाजार बंद रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तमाम बाहरी लोगों को चाय-पान के लिए भी परेशान होना पड़ा।